Na sarovar ma dubya , na samandar ma dubya.
Dubi gaya tamari ankho ni jheel ma,
Ek jotish ni kaheli vaat che,
Mane sacche j pani ni ghaat che…
Lakhi lejo hatheli ma naam maru,
sneh na desh ma che dhaam maru
Koik divas jo taras lagse tamne,
hatheli thi pani pita yaad aavse naam maaru.
भारत के राजस्थान प्रान्त व मालवा क्षेत्र में करोड़ों लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा है। इस भाषा में प्राचीन साहित्य विपुल मात्रा में लोक गीत, संगीत, नृत्य, नाटक, कथा, कहानी आदि उपलब्ध हैं। इस भाषा को सरकारी मान्यता प्राप्त नहीं है। इस कारण शिक्षित वर्ग धीरे धीरे इस भाषा का उपयोग छोड़ रहा है, परिणामस्वरूप, यह भाषा धीरे धीरे ह्रास की और अग्रसर है। कुछ मातृभाषा प्रेमी अच्छे व्यक्ति इस भाषा को सरकारी मान्यता दिलाने के प्रयास में लगे हुए हैं।
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राजस्थानी मुहावरे
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